Friday, October 11, 2013

हम क्यूँ हैं




किस शख्सियत की पहचान हैं?
किस अहमियत का पैगाम हैं?
क्या वो हमें हरपल देख रहा
जिसके प्रयोगों का परिणाम हैं?

दर्द क्या उसी ने बांटे?
क्या खुशियाँ उसी की नेमत हैं?
क्या आंसू उसी ने पिरोये नैनों में?
क्या होठों की हँसी उसी की रहमत है?

मक़सद होगा उसके अठखेलियों का क्या?
कब होगा हमें मालूम उसकी रज़ा?
हम कौन हैं? हम क्यूँ हैं?
मेरे खुदा खुद ही तू दे हमें बता!

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